देवी ललिता त्रिपुर सुन्दरी
देवी ललिता त्रिपुर सुन्दरी चतुर्दश भुवनों में विद्यमान असंख्य जीवों की जननी देवी ललिता ही हैं। ललिता सहस्रनाम स्तोत्र के प्रथम श्लोक में भी प्रायः इसी अर्थ का प्रतिपादन किया गया है ॐ श्रीमाता श्रीमहाराज्ञी श्रीमत्सिंहासनेश्वरी।चिदग्नि-कुण्ड-सम्भूता देवकार्य-समुद्यता ॥ अर्थात् देवी ललिता समस्त जीवों की माता तथा जगत् की अधिष्ठात्री शक्ति हैं। वे चैतन्यरूप अग्निकुण्ड से…