राह दिखाते देवकीनन्दन
राह दिखाते देवकीनन्दन भारत आज केवल आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति या वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा पर नहीं है। वह अपनी आत्मा, अपनी स्मृति, अपनी सांस्कृतिक पहचान और अपने भविष्य को लेकर भी एक बड़े विमर्श के बीच खड़ा है इसलिये आज श्रीकृष्ण को केवल मन्दिर में खड़े बाँसुरीधारी देवता के रूप में देखना पर्याप्त नहीं…