विभाजन की विभीषिका – जब चार घंटे में लाहौर छोड़कर भागना पड़ा
14 अगस्त, 1947 का काला दिन भला कैसे कोई भूल सकता है. आज भी जैसे ही यह दिन आता है, अपने पुरखों की धरती, अपनी माटी, अपना गाँव, घर और अपनों को खोने का दर्द ताजा हो जाता है. 14 अगस्त, 1947 की आधी रात जब भारत आजाद हो रहा था, तब देश के एक…