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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा देने वाले डॉ. राधाकृष्णन

भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा देने वाले डॉ. राधाकृष्णन भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा हेने वाले डॉ. राधाकृष्णन का जन्म दक्षिण मद्रास में लगभग 60 किमी की दरी पर स्थित तिरूतनी नामक छोटे से कस्बे में 5 सितम्बर सन 1888 ई. को भर्वपल्ली वीरास्वामी के घर पर हुआ था। उनके पिता वीरास्वामी जमींदार…

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गो पालन

कई समस्याओं का समाधान है गो पालन

कई समस्याओं का समाधान है गो पालन पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गोमांस खाना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। बूढ़ी बीमार गाय भी कृषि के लिए उपयोगी है। यह कृषि की रीढ़ है। गाय का मल एवं मूत्र असाध्य रोगों में लाभकारी है। इसकी…

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भारतीय अर्थचिन्तन : कौटिल्य से डिजिटल तक

भारतीय अर्थचिन्तन : कौटिल्य से डिजिटल तक

भारतीय अर्थचिन्तन : कौटिल्य से डिजिटल तक ।। सुखस्य मूलं धर्मः, धर्मस्य मूलं अर्थः ।। भारत को प्रायः केवल अध्यात्म और दर्शन की भूमि कहा जाता है, परन्तु यह अर्धसत्य है। भारत आर्थिक चिन्तन की भी उतनी ही समृद्ध भूमि रहा है। आज से लगभग दो सहस्र वर्ष पूर्व आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्य (कौटिल्य) ने ‘अर्थशास्त्र’…

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विश्व हिन्दू परिषद

विश्व हिन्दू परिषद : स्थापना से सेवा, सुरक्षा और संस्कार तक की यात्रा

विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना 1964 में हुई। विश्व हिंदू परिषद एक भारतीय दक्षिणपंथी हिंदुत्व संगठन है। VHP की स्थापना 1964 में एमएस गोलवलकर और एसएस आप्टे ने स्वामी चिन्मयानंद के सहयोग से की थी।। पहली बार 21 मई 1964 में मुंबई के संदीपनी साधनाशाला में एक सम्मेलन हुआ। सम्मेलन आरएसएस सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर…

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सियारामशरण गुप्त

सियारामशरण गुप्त की राष्ट्रीय चेतना

सियारामशरण गुप्त की राष्ट्रीय चेतना सियारामशरण गुप्त ऐसे समय के कवि थे जब देश स्वतंत्रता संग्राम की तीव्र चेतना से गुजर रहा था। स्वाधीनता की आकांक्षा, पराधीनता की पीड़ा, राष्ट्रीय स्वाभिमान, त्याग, बलिदान और जन-जागरण उनके साहित्य की प्रमुख संवेदनाओं में दिखायी देते हैं। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से भारतीयों के भीतर आत्मगौरव और…

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राह दिखाते देवकीनन्दन

राह दिखाते देवकीनन्दन

राह दिखाते देवकीनन्दन भारत आज केवल आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति या वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा पर नहीं है। वह अपनी आत्मा, अपनी स्मृति, अपनी सांस्कृतिक पहचान और अपने भविष्य को लेकर भी एक बड़े विमर्श के बीच खड़ा है इसलिये आज श्रीकृष्ण को केवल मन्दिर में खड़े बाँसुरीधारी देवता के रूप में देखना पर्याप्त नहीं…

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कांग्रेस बन गयी मुस्लिम लीग

कांग्रेस बन गयी मुस्लिम लीग

कांग्रेस बन गयी मुस्लिम लीग अंग्रेजों द्वारा बनायी गयी कांग्रेस पार्टी मुस्लिम परस्ती की सारी सीमाएँ तोड़ती जा रही है। मुसलमानों के सामने कांग्रेस की आत्मसमर्पण नीति ने पहले देश को विभाजित किया और आज वही कांग्रेस हमारे राष्ट्रगीत के भी टुकड़े करना चाहती है। कांग्रेस का यह कहना कि वह वन्दे मातरम् को पूरा…

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इंटरनेट, एआई और सोशल मीडिया के मकड़जाल में फँसता समाज

इंटरनेट, एआई और सोशल मीडिया के मकड़जाल में फँसता समाज

इंटरनेट, एआई और सोशल मीडिया के मकड़जाल में फँसता समाज आज बिना इन्टरनेट और कृत्रिम बुद्धि के जीवन की कल्पना करना असम्भव है। इन दोनों ने मिलकर सामान्य जीवन को पहले की तुलना में सरल कर दिया है। पहले जिन कामों में घण्टों लगा करते थे, वे अब एक क्लिक में हो जाते हैं। दैनिक…

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श्रीराम जन्मभूमि

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास में तीन नए न्यासी नियुक्त, जीतेंद्र मिश्र बने CEO

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास में तीन नए न्यासी नियुक्त, जीतेंद्र मिश्र बने CEO श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के न्यासियों की बैठक आज भाद्रपद कृष्णा पंचमी, 2083, बुधवार, 2 सितंबर, 2026 को अयोध्या में सम्पन्न हुई । इसमें न्यासी मंडल में रिक्त स्थानों की पूर्ति, मुख्य कार्यकारी अर्धाकारी (सी ई ओ) की नियुक्ति, वर्ष 2025-26 के वार्षिक…

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