क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ? भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ का आदर्श हमारे समाज की आत्मा में बसता है। फिर भी वास्तविकता यह है कि महिलाओं को आज भी अपने सम्मान और समान…

Read More
रानी रुद्रमा देवी : महिला सम्राट जिसे इतिहास ने 'महाराज' कहकर पुकारा

रानी रुद्रमा देवी : महिला सम्राट जिसे इतिहास ने ‘महाराज’ कहकर पुकारा

रानी रुद्रमा देवी : महिला सम्राट जिसे इतिहास ने ‘महाराज’ कहकर पुकारा दक्षिण भारत के इतिहास में काकतीय वंश (११५०-१३२३ ईस्वी) का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह राजवंश आधुनिक तेलंगाना क्षेत्र में फला-फूला और इसकी राजधानी ओरुगल्लु (वर्तमान वारंगल) थी। इस वंश की सबसे प्रतापी शासक रानी रुद्रमा देवी ने लगभग ३३ वर्षों (१२६२-१२६५ ईस्वी) तक…

Read More
नारी : मातृत्व, कृतित्व और नेतृत्व-भारत की शाश्वत शक्ति का त्रिवेणी स्वरूप

नारी : मातृत्व, कृतित्व और नेतृत्व-भारत की शाश्वत शक्ति का त्रिवेणी स्वरूप

नारी : मातृत्व, कृतित्व और नेतृत्व-भारत की शाश्वत शक्ति का त्रिवेणी स्वरूप वर्तमान समय में जब नारी विमर्श प्रायः अधिकार, समानता और प्रतिनिधित्व तक सीमित कर दिया जाता है, तब आवश्यकता इस बात की है कि हम भारतीय दृष्टि से नारी के वास्तविक स्वरूप को पुनः समझें। भारतीय संस्कृति ने नारी को कभी केवल अधिकारों…

Read More