एक सैनिक की आँखों में बसा विभाजन का दर्द
कृष्णनन्द सागर मेरे एक मित्र श्री विजयेद्रनाथ शर्मा की बेटी की शादी में श्री अर्जुन देव रौली से भेंट हुई। भारतीय वायुसेना से ग्रुप कैप्टन के पद से अवकाश प्राप्त रौली जी ने मेरे प्रश्नों के उत्तर में बहुत संक्षिप्त रूप में केवल इतना ही कहा। इससे अधिक वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं…