चतुरी: इतिहास का अनसुना नाम :
“एक रोटी की शिकायत… और देखते ही देखते पूरी नैनी सेंट्रल जेल रणभूमि बन गई। आखिर 20 जनवरी 1928 को ऐसा क्या हुआ था कि गोलियाँ चलानी पड़ीं, कई लोग मारे गए और एक कैदी को उम्रकैद की सज़ा मिली? यह कहानी है उन्नाव के चतुरी की।” ब्रिटिश राज में 1898 में उत्तर प्रदेश के…
तपस्वी पीढ़ियों की पुण्यकथा :
अयोध्या चर्चा में है, सदा रहती आयी है। मानवेन्द्र महाराज मनु-निर्मिता यह नगरी कभी अप्रासंगिक नहीं होती। सन्दर्भ-प्रसंग कोई हो, पर अयोध्या उल्लेखनीय बनी रहती है। वास्तव में यह उल्लेखनीयता इसके महत्त्व का सहज प्रमाण ही है। किस प्रकार धर्म के बल से, खोये हुए को पुनः पाया जाता है, अयोध्या इसका उदाहरण है। लोकोत्तर…
डॉ. हेडगेवार जी के जीवन में संघ कार्य और राष्ट्र कार्य के अतिरिक्त कोई दूसरा विषय नहीं था – डॉ. मोहन भागवत जी
डॉ. हेडगेवार निवास पर आधारित विशेष आवरण, सूचना पुस्तिका का लोकार्पण नागपुर, 31 जुलाई 2026। भारतीय डाक विभाग, नागपुर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के ऐतिहासिक निवास “डॉ. हेडगेवार निवास, नागपुर” पर आधारित विशेष आवरण (Special Cover), सूचना पुस्तिका (Brochure) तथा स्थायी सचित्र डाक मुहर (Permanent Pictorial Cancellation) का लोकार्पण…
सृष्टि का सृजन, संवर्धन, पोषण, बिना मातृत्व के संभव नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी
“युगानुकूल मातृत्व” पर विश्वमांगल्य सभा की प्रबोधन बैठक संपन्न नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। विश्वमांगल्य सभा की “युगानुकूल मातृत्व” विषय पर आयोजित प्रबोधन बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि मातृत्व विषय पर मुझे बोलने के लिए कहना यह अपने आप में एक विरोधाभास है।…