
चमत्कृत करती फिल्म ‘हनुमान अंश’
नीब करौरी बाबा की भूमिका निर्वहन करने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या ने अपनी भूमिका से दर्शकों को किया मोहित
लखनऊ। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शुरुआत ही दर्शकों को एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ती है। पहाड़, उस दौर का वातावरण, क्रान्ति की लहर और बाबा से जुड़ा अद्भुत प्रसंग कहानी को प्रभावशाली शुरुआत देते हैं। इसके बाद फिल्म बाबा के जन्म से लेकर उनके वैराग्य और जनसेवा की यात्रा को सहजता से सामने रखती है।
फिल्म में दिखाया गया है कि नीब करौरी बाबा ने देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हुए अपनी दिशा कैसे पायी और संसार में रहते हुए भी मोह-माया से खुद को दूर रखा। उनके जीवन का सन्देश था कि जिम्मेदारियाँ निभाते हुए भी मनुष्य जनकल्याण और प्रभु सेवा को जीवन का उद्देश्य बना सकता है।
फिल्म में विधवा होने से एक महिला को बचाने, थोड़ी सी कढ़ी से पूरे दल के भोजन, तरबूज चोर को सही राह दिखाने और साहूकार को व्यवहार सुधारने की सीख देने जैसे प्रसंग भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। ये घटनाएँ बाबा को सिर्फ चमत्कार करने वाले सन्त के बजाय लोगों को जीवन की सही दिशा दिखाने वाले सन्त के रूप में प्रस्तुत करती हैं।
बाबा की भूमिका में शोभिनव सत्या ने सौम्यता और संयम के साथ अभिनय किया है। निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और पूरी टीम ने साधना, सेवा, त्याग और करुणा को पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है। अन्त में गूँजती ‘सीताराम’ की धुन फिल्म को भावपूर्ण विराम देती है।