
भारत की विकास यात्रा में युवा प्रमुख भागीदार : प्रधानमंत्री
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, महिला भागीदारी, तकनीक और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को देश की विकास यात्रा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। समारोह में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा के प्रमुख भागीदार हैं। उन्होंने देश को नई गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान करते हुए बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें पूरा करने का संकल्प दोहराया। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नयी दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हुए कही।
‘शक्ति की सप्तधारा’ से नयी गति
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास को नयी गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच से सात वर्षों में ऐसे कई कार्य पूरे करने की शक्ति हासिल करनी होगी, जो पाँच-सात दशकों से अधूरे पड़े हैं। उन्होंने विकास के लिये विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी और नवाचार समेत विभिन्न क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को कम्पोनेंट और डिजाइन से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरी मूल्य श्रृंखला देश में विकसित करनी होगी। भारत को भरोसेमंद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के केन्द्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
भारतीय किसान वैश्विक बाजार तक
प्रधानमंत्री ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को विकास की दूसरी महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के कारण भारतीय किसानों के लिये दुनिया के बाजारों के दरवाजे खुल रहे हैं। अब जरूरत है कि खेत से सीधे निर्यात बाजार तक पहुँच बनाने की व्यवस्था मजबूत की जाये। मोदी ने कहा कि भारत के पारम्परिक खानपान, मोटे अनाज, मसाले और फल-फूल वैश्विक ब्राण्ड बनने चाहिये। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ भारतीय कृषि उत्पादों को अन्तरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
एआई, क्वांटम और रोबोटिक्स में आगे बढ़े भारत
प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी और नवाचार को विकास की अहम शक्ति बताते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। आज का दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम तकनीक, अन्तरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर का है। उन्होंने कहा कि भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का वैश्विक केन्द्र बनना होगा। नयी तकनीकों के क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिये जरूरी है।
12 साल में सौर ऊर्जा क्षमता दो से बढ़कर 160 गीगावाट
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में देश की सौर ऊर्जा क्षमता करीब दो गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावाट हो गयी है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि चिप, एआई और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक क्षेत्रों के विस्तार के साथ ऊर्जा की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को मजबूत करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख घरों को शामिल किये जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करें सभी दल
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिये, ताकि वे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों से राजनीति के अखाड़े का शिकार रहा है। प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे महिला आरक्षण लागू कराने में सहयोग करें और माताओं-बहनों को उनका अधिकार दिलाने में भागीदार बनें।
रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण में बढ़ोतरी
लाल किले से प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों की उपलब्धियाँ भी गिनायीं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पाँच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में करीब सात गुना वृद्धि हुई है। आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी भारत ने अपनी अलग पहचान बनायी है। प्रधानमंत्री ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में करीब चार गुना वृद्धि, पेटेंट ग्राँट में चार गुना और डिजिटल लेनदेन में करीब 100 गुना बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिये भी व्यापक स्तर पर काम किया है।
गरीबों की सुविधाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि नल से जल के कनेक्शन उपलब्ध कराने की वार्षिक गति पहले की तुलना में करीब 15 गुना बढ़ी है। गैस कनेक्शन देने की गति छह गुना और गरीबों के लिये शौचालय निर्माण की गति चार गुना बढ़ी है।