भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता

भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता

भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता भारत जैसे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और बहुजातीय देश में किसी भी भाषा की भूमिका मात्र संप्रेषण तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह संस्कृति, समाज, इतिहास और राष्ट्रीय चेतना की वाहक भी बन जाती है। हिंदी, भारतीय उपमहाद्वीप की एक प्राचीन और अत्यंत समृद्ध भाषा के रूप में, देश की सामूहिक स्मृति,…

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Vivekananda Rock Memorial : Eknath Ranade

एकनाथ रानाडेः वैचारिक दृढ़ता और व्यवहार की सहजता

एकनाथ रानाडेः वैचारिक दृढ़ता और व्यवहार की सहजता भारत के दक्षिणी छोर पर तीनों सागरों के संगमस्थल कन्याकुमारी में स्थित श्रीपाद शिला केवल एकशिला नहीं है। यह स्वामी विवेकानंद के जीवन की उस निर्णायक साधना की साक्षी है, जब परिव्राजक के रूप में संपूर्ण भारत का भ्रमण करने के बाद वे तीन दिन और तीन…

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