संस्कृत साहित्य में जल-जीवन सौंदर्य

संस्कृत साहित्य में जल-जीवन सौंदर्य

संस्कृत साहित्य में जल-जीवन सौंदर्य : प्रकृति के जीवनदायी उपादानों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने में कविमन आदिकाल से भावाकुल और संवेदनशील रहा है। इन उपादानों में भी कवियों को सर्वाधिक प्रभावित किया नदियों और जलस्रोतों ने, जिन्हें कवियों ने ईश्वर के धरती पर बहते हुए साक्षात् वरदान की तरह माना। नदियों को देखते,…

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