निराश्रित बचपन की छाँव बनीं मनन
निराश्रित बचपन की छाँव बनीं मनन जयपुर। वैसे तो समाज में सामाजिक संस्थाओं की कोई कमी नहीं जो सामाजिक अव्यवस्थाओं और निराशाओं को दूर करने के लिए प्रयासरत है और ना ही ऐसे लोगों का अकाल है जो मानवीय संवेदनाओं से भरपूर है और जिन्होंने अपने जीवन को एक निश्चित उद्देश्य के लिए समर्पित कर…