जिस किसान को लोग पागल कहते थे… आज उसी के खेत देखने देश-विदेश से लोग आते हैं!
खेती में कुछ नहीं रखा…” यह वाक्य आपने भी न जाने कितनी बार सुना होगा। आज भी हजारों युवा खेती छोड़कर शहरों की ओर इसलिए जा रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि खेती में मेहनत तो बहुत है, लेकिन सम्मान और आमदनी नहीं। लेकिन उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक किसान ने इस…
पद्म श्री अंके गौड़ा: पुस्तकों के लिए समर्पित जीवन, समाज के लिए प्रेरणा का प्रकाश :
आज जब दुनिया मोबाइल स्क्रीन पर सिमटती जा रही है, तब कर्नाटक के एक साधारण किसान परिवार से निकले पद्म श्री अंके गौड़ा ने यह साबित कर दिया कि किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि समाज को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। अंके गौड़ा ने न तो कोई बड़ी राजनीतिक शक्ति पाई, न…
गलती के लिए प्रायश्चित जरूरी :
अपूर्ण संसार की उपज होने के नाते हम सभी अपूर्ण हैं। हम सबने कोई-न-कोई गलती की है। कुछ बातों का हमें पश्चाताप होता है- वे काम जो हमने किए हैं या वे काम जो हमने नहीं किए। प्रायश्चित की सच्ची भावना के साथ अपनी गलतियों को स्वीकार करना हमें जीवन में सन्मार्ग पर चलने और…