‘मैं’ से ‘हम’ तक : सेवा और धर्म की भारतीय अवधारणा

‘मैं’ से ‘हम’ तक : सेवा और धर्म की भारतीय अवधारणा

‘मैं’ से ‘हम’ तक : सेवा और धर्म की भारतीय अवधारणा मनमोहन वैद्य जी “वैष्णव जन तो तेणे रे कहिये, जे पीड़ पराई जाणे रे”। दूसरों की पीड़ा की अनुभूति कर उन्हें उस पीड़ा से मुक्त करने के सहज कर्म को ‘धर्म’ कहा गया है। राजा रंतिदेव का प्रसिद्ध वचन है – “मुझे न राज्य…

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मोहन भागवत

विविधता प्राकृतिक है और एकता ही सत्य है: मोहन भागवत

विविधता प्राकृतिक है और एकता ही सत्य है: मोहन भागवत न्यूयॉर्क, अमेरिका। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को अमेरिकन हिन्दूज फॉर एंगेजमेंट एण्ड डायलॉग (एहेड फोरम) द्वारा आयोजित “यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन” को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने कहा कि जब हम अमेरिका,…

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Vivekananda Rock Memorial : Eknath Ranade

एकनाथ रानाडेः वैचारिक दृढ़ता और व्यवहार की सहजता

एकनाथ रानाडेः वैचारिक दृढ़ता और व्यवहार की सहजता भारत के दक्षिणी छोर पर तीनों सागरों के संगमस्थल कन्याकुमारी में स्थित श्रीपाद शिला केवल एकशिला नहीं है। यह स्वामी विवेकानंद के जीवन की उस निर्णायक साधना की साक्षी है, जब परिव्राजक के रूप में संपूर्ण भारत का भ्रमण करने के बाद वे तीन दिन और तीन…

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जरूरी है परिवार में संवाद : डॉ. मोहन जी भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि आज के समय में परिवार के साथ समय बिताना और आपसी संवाद बनाये रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान माता पिता को स्वयं करना चाहिये। इसके लिये उन्हें अपना ज्ञान लगातार बढ़ाते रहना होगा, क्योंकि बच्चे…

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राष्ट्र सेविका समिति ने ‘जनसंख्या असंतुलन’ पर प्रस्ताव पास किया :

समालखा (हरियाणा)। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी और प्रतिनिधि मंडल की छमाही बैठक समालखा, हरियाणा में संपन्न हुई। बैठक में प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी, प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री जी और 40 प्रांतों से 488 प्रतिनिधि शामिल हुए। तीन दिन की मीटिंग के आखिरी सेशन में प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी ने कहा…

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डॉ. हेडगेवार जी के जीवन में संघ कार्य और राष्ट्र कार्य के अतिरिक्त कोई दूसरा विषय नहीं था – डॉ. मोहन भागवत जी

डॉ. हेडगेवार निवास पर आधारित विशेष आवरण, सूचना पुस्तिका का लोकार्पण नागपुर, 31 जुलाई 2026। भारतीय डाक विभाग, नागपुर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के ऐतिहासिक निवास “डॉ. हेडगेवार निवास, नागपुर” पर आधारित विशेष आवरण (Special Cover), सूचना पुस्तिका (Brochure) तथा स्थायी सचित्र डाक मुहर (Permanent Pictorial Cancellation) का लोकार्पण…

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सृष्टि का सृजन, संवर्धन, पोषण, बिना मातृत्व के संभव नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी

“युगानुकूल मातृत्व” पर विश्वमांगल्य सभा की प्रबोधन बैठक संपन्न नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। विश्वमांगल्य सभा की “युगानुकूल मातृत्व” विषय पर आयोजित प्रबोधन बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि मातृत्व विषय पर मुझे बोलने के लिए कहना यह अपने आप में एक विरोधाभास है।…

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