दीनदयाल उपाध्याय जी जयन्ती

दीनदयाल उपाध्याय जी जयन्ती

दीनदयाल उपाध्याय जी जयन्ती लोकमत परिष्कार : दीनदयाल उपाध्याय जी और वर्तमान संदर्भ लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकमत का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। किसी भी लोकतंत्र की सफलता केवल चुनाव, राजनीतिक दलों और सरकारों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि समाज का सामान्य नागरिक देश, समाज और अपने दायित्वों…

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सनातन द्रोह की विकृत राजनीति

सनातन द्रोह की विकृत राजनीति

सनातन द्रोह की विकृत राजनीति सभी राजनैतिक दलों ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तीव्र कर दी हैं और जनता के मध्य अपने चुनावी मुद्दों व अभियानों के सन्दर्भ में नैरेटिव बनाना भी प्रारम्भकर दिया है। स्वाभाविक रूप से वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के हिंदुत्व बनाम सपा…

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