भगवान बुद्ध के उपदेश में राष्ट्रीयता का भाव

दीर्घकाल तक जब धर्मानुष्ठान करने वालों के अन्तःकरण में काम के उद्भव हो जाने से विवेक विज्ञान का क्षय और अधर्म की वृद्धि होने लगती है। ऐसी स्थिति मे अकारण दुःख हरण इच्छा रखने वाले परम कारुणिक भगवान विष्णु प्रजा की रक्षा करने के लिये ब्राह्मणों के ब्राह्मणत्व की रक्षा के लिये अवतरित होते है।…

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