
जब बात टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की आती है, तो भारत अब सिर्फ एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पथ-प्रदर्शन करने वाला देश बन चुका है। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है UPI (Unified Payments Interface)
एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) की दूरदर्शी नीतियों के चलते भारत का यह स्वदेशी पेमेंट सिस्टम अब सिर्फ आपकी पसंदीदा चाय की दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि पेरिस के एफिल टॉवर से लेकर दुबई के बुर्ज खलीफा के आस-पास के मॉल्स तक अपनी धाक जमा चुका है।
आइए समझते हैं कि कैसे UPI ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बनाई है।
वैश्विक मॉडल: विदेश में कैसे काम करता है भारतीय UPI?
भारत अपनी इस स्वदेशी तकनीक को दुनिया भर में अलग-अलग रणनीतिक तरीकों से एक्सपोर्ट कर रहा है :
1. सिस्टम लिंकेज (System Linkage): सीधे दो देशों के पेमेंट सिस्टम को जोड़ना। जैसे भारत के UPI को सिंगापुर के PayNow से जोड़ा गया है।
2. मर्चेंट QR स्वीकृति (Merchant QR Acceptance): भारतीय पर्यटकों के लिए विदेशों में स्थानीय दुकानदारों के QR कोड पर सीधे रुपये (INR) में भुगतान करने की सुविधा।
3. पूर्ण टेक-अडॉप्शन (Full Stack Adoption): पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल और भूटान) द्वारा भारत के यूपीआई आर्किटेक्चर को अपने देश का राष्ट्रीय भुगतान ढांचा बनाना।
ग्लोबल मैप पर UPI: किन-किन देशों में बज रहा है डंका?
| देश | स्थानीय पार्टनर / नेटवर्क | सुविधा का दायरा |
| सिंगापुर (Singapore) | PayNow / Liquid Group | तुरंत बैंक-टू-बैंक फंड ट्रांसफर और मर्चेंट क्यूआर |
| यूएई (UAE) | NEOPAY / Network International | 60,000+ आउटलेट्स, मॉल्स और एयरपोर्ट्स पर भुगतान |
| फ्रांस (France) | Lyra Network | एफिल टॉवर और पेरिस के बड़े शॉपिंग हब्स पर स्वीकार्य |
| नेपाल व भूटान | Gateway Payments / RMA | पूरा राष्ट्रीय भुगतान ढांचा भारतीय मॉडल पर आधारित |
| श्रीलंका व मॉरीशस | LankaPay / Bank of Mauritius | पर्यटन स्थलों, होटलों और खुदरा दुकानों पर पेमेंट |
| कतर व थाईलैंड | QNB / PromptPay | प्रमुख एयरपोर्ट्स, ड्यूटी-फ्री हब्स और रिटेल स्टोर्स |
भारतीय यात्रियों और अर्थव्यवस्था को क्या मिला?
फॉरेक्स कार्ड्स की विदाई: अब भारी-भरकम फॉरेक्स फीस देने और कैश एक्सचेंज कराने के लिए कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है।
पारदर्शी कन्वर्जन रेट: क्रेडिट या डेबिट कार्ड से विदेश में पेमेंट करने पर लगने वाले छिपे हुए चार्जेस से पूरी राहत।
सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन: भारत अब केवल पश्चिमी तकनीक का उपयोग नहीं करता, बल्कि दुनिया की सबसे उन्नत डिजिटल पेमेंट तकनीक का निर्यात करता है।