समृद्धतम् भाषा संस्कृत

समृद्धतम् भाषा संस्कृत

समृद्धतम् भाषा संस्कृत ।। भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा ।। भारत की दो ही प्रतिष्ठा है, संस्कृत और संस्कृति। संस्कृत एक महान और समृद्ध भाषा है, जिसका सम्बन्ध विभिन्न क्षेत्रों से है। यह भारतीय संस्कृति और धर्म की आधारशिला है, जिसमें वेद-वेदांग, पुराण, उपनिषद्, श्रीमद्भगवद्गीता जैसे अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ संस्कृत में लिखे गये हैं। संस्कृत…

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गोस्वामी तुलसीदास

भारतीय संस्कृति के महाशिल्पी: गोस्वामी तुलसीदास

गोस्वामी तुलसीदास जी (1532–1623 ई.) केवल भक्ति काल के कवि नहीं थे, बल्कि वे उस युग के समाज-सुधारक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के मुख्य सूत्रधार थे। मुग़ल काल के दौर में जब भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्य दबाव में थे, तब तुलसीदास जी ने ‘श्रीरामचरितमानस’ के माध्यम से जन-जन को एक सूत्र में बांधने का कार्य…

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