भारतीय संस्कृति के महाशिल्पी: गोस्वामी तुलसीदास
गोस्वामी तुलसीदास जी (1532–1623 ई.) केवल भक्ति काल के कवि नहीं थे, बल्कि वे उस युग के समाज-सुधारक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के मुख्य सूत्रधार थे। मुग़ल काल के दौर में जब भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्य दबाव में थे, तब तुलसीदास जी ने ‘श्रीरामचरितमानस’ के माध्यम से जन-जन को एक सूत्र में बांधने का कार्य…